तवायफ की जिंदगी
तवायफ की
जिंदगी
एक तवायफ
हु
में
समाज
में
ठुकराई
जानेवाली
लेकिन मेरी
भी
मैफिल
सजाते
है
लोग
तवायफ बनाकर जिंदगी भर कीचड़ में फसाते है लोग.
महफ़िल में
चार
चाँद लगाने वाली कहकर तारीफ़ मेरी करते है लोग
लेकिन अस्सल
जिंदगी
में
बदनाम
मुझे
करते
है
लोग।
.
हुस्न की
मैफिल
की
रानी
कहते
है
मुझे
लोग
लेकिन अस्सल
जिंदगी
में
नौकरानी
बनाने
के
लायक
भी
छोड़ते
नहीं
है
लोग..
महफ़िल की
रोशनी
मुझे
कहते
है
लोग
लेकिन मेरी
खुद
की
जिंदगी
में
सिर्फ
अँधेरा
ही
कर
देते
है
लोग...
बड़े नामवाले
रात
के
अँधेरे
में
अपनी
हवस
पूरी
करते
है
लेकिन दिन
के
उजाले
में,
शरीफोके
नकाब
पहनाकर
मुझे
ही
बदनाम
बोलते
है..
मेरी ही
चौकट
पे
आके
मेरे
साथ
रंगीन
ज़िंदगी
बनाते
है
लोग
लेकिन बहुत
खेद
है
मुझे,
मेरी
ही
ज़िंदगी
बेरंग
कर
जाते
है
लोग…..

टिप्पण्या
टिप्पणी पोस्ट करा